मैं भी उसे चाहता था पर बता नहीं पाया, थी मोहब्बत मेरे भी दिल में पर मैं कभी जता नहीं पाया।
मुझे मत सीखा पागल लड़की, बन्द किताब को भी पढ़ना कैसे है आता है मुझे।
दूरियाँ मुझे आजमाती तो हैं पर शायद ये यह नहीं जानती 'दूरियाँ बढ़ने से रिश्ते खत्म नहीं हो जाते'।
अपने होकर भी वो मुझे पराया कर गए, करता था मैं उनसे मोहब्बत और वो मुझे दोस्त कह गए...!
जब भी तानो की चुभन होती है तब मेरी कलम लिखती है
सब ने पूछा मैंने लिखना सीखा कहा है मैंने बोला जहा मेरा पहला आंसू बहा है
हर रोज मेरे सब्र का होता इम्तिहान है कोई ना कोई तानों से सुनाता नया फरमान है
रिश्ते नहीं मेरे अरमानों की कब्र है हर रोज लेते मेरे इम्तिहान का सब्र है
जब तानो से रोती हू तब रिश्तों की कब्र पे सोती हू
किसी के भी आगे झुको चाहे रहीम हो या राम लेकिन पेट तभी भरेगा जब खूद करोगे कुछ काम
मेरे फर्ज के मत पूछो हिसाब बीक जाएंगे अच्छे - अच्छे नवाब
विरासत में मिली बस एक जिम्मेदारी है अपनी नींद बेच के करती हु उसकी पहरेदारी
मेरा दर्द किसी को यहा नहीं दिखता है और मेरा लिखा हर दर्द बड़े शोक से हर कोई पढता है
मे टूटती हू तो वो हसते हैं शायद इसे ही जमाने वाले प्यार कहते हैं
वो रिश्ते नहीं मजबूरी है जहा करनी पड़ती जी हजूरी है
Girls are fragile is a statement thrown by a dull mind and weak heart.
Just like a tree's strength is defined by it's roots, make your foundation so grounded that no one can pull you off.
Enjoy every bit of moments be it good or bad just like a tree dances in the storm.
A sponge bounces back when suppressed. So when life drags you back, be prepared to get the acceleration at its peak.
You will be served for what you give. Give more, expect least and see the cards turning in your favour.
Once you get into it, there is no way of turning back just like past can't be brought back or undone.