मीठी नींद तब आती है जब मकान नहीं घर मिलता है
तुम्हारा नाम ही लेते है मेरे लब आजकल ये कहते हैं सब
काम से थकने के बाद जो नींद आती है वो शुकून भरी होती है
आज आँखे दुख रही है आंसू की धारा भी सुख रही है
रहम मे ही बसता है जीवन का असली दम
जब सपनों और अपनो के बीच जंग हो तो फैसला किस्मत पे छोड़ दो
लड़की हू काच नहीं मेरे आत्मसम्मान पे आती आच है
मानती हू मुझ में नहीं है समझ लेकिन किचड़ में खीलता में जलज हू
लाखो शहादत के बाद होती है कबुल मोहब्बत
मत करो ऐसा काम की मोहब्बत हो जाए बदनाम
गर्ल हमेशा गर्ल फ्रेंड बनो लड़को के साथ चेट करो डेट करो पत्नी बनके काम मत करो क्यूंकि लड़को को गर्ल फ्रेंड पसंद है पत्नी नहीं
मेरा रब मुझसे रूठा है लगता सब जूठा है
पलके जब भीगती है तो हर रात मेरे साथ रोती है
मा रब है मा में छिपा मेरा सब है
गर्ल फ्रेंड बनना आसान है लेकिन पत्नी बनके जिम्मेदारी निभाना कठिन है
हर रोज शुरु होती नयी कहानी है मेरे आंखो में भरती पानी है
आँखे बहुत दुखती है जब ये आंसू से भरती है
मेरे प्यार के इनाम के बदले दिया बेवफाई का सामान
रिश्तों में पड़ती दरार है जब तानों की चलती तलवार है
संघर्ष की हर रात है कभी होगी कोई हर्ष भरी बात
इतनी जुनून भरी जिन्दगी ना मिले दुबारा, इस जुनून मे मैंने सब हारा