दिल तो आज भी उसके लिए धड़कता है ये कंगना तो उसकी एक झलक पे खनकता है
जरूरी नहीं की पूरे हों जीवन मे हर अरमान, कभी-कभी दिल की भी सुन लिया करो बन जाओगे इन्सान।
दिल मेरा आशिक है तेरा करता है ये आशिकी, ढूढ रहा था ये मोहब्बत मिल गयी इसको जिन्दगी।
कल तक जिसके सपने देखे आज वो मेरे साथ है, कोई मुझे होश में लाओ यारों मुझे पता ही नहीं दिन है या रात है!
इफ्तार के लिए लोग इन्तजार करते हैं चाँद के इकरार का, और हमारा तो रोजा तब खुलता है जब चेहरा दीख जाए मेरे यार का ईद मुबारक
ख़्वाब नहीं ये ख्वाइस है खामोशी के मेले हों, इस दुनियाँ में कोई नही बस हम दोनों ही अकेले हों।
पाने को हर किसी की होती है जिसको कामना, आज मेरा भी होने लगा मोहब्बत से सामना।
तेरी खातिर हर पल देखो रहता है बेताब ये दिल, ना जाने ये कैसे-कैसे गुन रहा कब से ख़्वाब ये दिल।
टूटा दिल आज भी आंसू के रूप मे गिरता है
शुक्रिया ए खुदा इस नाचीज को आपने मोहब्बत जेसी चीज से नवाजा
सागर जैसी आँखों मे झरने जैसा पानी है, मोहब्बत मेरी थी अधूरी फिर भी एक फेमस कहानी है।
ख़्वाबों के दिये आँखों मे लिए ढूढ रहा था मैं जिन्हें, वो दिल में कही थे पहले से ही दबे-दबे !
खोया है दिल जिसके ख़यालों में सुबहो शाम, कैसे जुबां पर लाऊँ दोस्तों मैं उसका नाम।
काश! लम्हें रुक से जाते जब वो मेरी बाँहों में हो।
तुम आ गए तो नूर आ गया है, नहीं तो जिन्दगी बेवज़ह जा रही थी।
मैं तुम्हें ढूढता नहीं हूँ, क्योंकि जब भी ढूढता हूँ ख़ुद में ही पाता हूँ।
वो मेरी जिन्दगी में नहीं है फिर भी वो मेरी जिन्दगी है।
अगर कहीं गम मिल जाये मुझे तो मैं उसे पकड़ कर जीभरकर रो लूँ, ताकि गम को भी गम का अहसास हो जाये।
क्या करूं मैं अपनी इन नजरों का जिधर भी देखूं बस तुम ही तुम नजर आती हो, ये सिर्फ मेरा पागलपन है या तुम भी पागल थी मेरे लिए।
बरसों होगए बिछड़े अब साथ नहीं हो तुम, पर ऐसा क्यों लगता है जहां मैं हूं वहीं हो तुम।
अगर आप किसी से सच्चा प्यार करते हैं तो नफ़रत कभी भी नहीं कर सकते, चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों।