हर रोज ये आँखे एक सपना देखती है एक ख्वाब का घरोन्दा बुनती है
जो इशक को कहते थे मजहब वो ही दिखा रहे है बेवफाई का करतब
टूट ना जाये ये मोहब्बत का सपना, इन सपनो में ही है घर अपना!
सुना वीरान सा था जीवन मेरा, तेरा प्यार पाकर हुआ सुनहरा सवेरा..!
जब आपके cheek आपके ear को टच कर जाए तो वो सच्ची वाली smile होती है जो best वाली feeling देती है
शायद मे गवार हू इसलिए तेरी मोहब्बत के रथ पे सवार हू
जो मा - बाप हमे सूखे मे सुलाते थे वो आज अकेले आंसू के साथ सोते है
आज भी बच्ची हू लेकिन दिल की सच्ची हू
दिखती उनकी झलक है तो चेहरे पे आती अलग चमक है
हर रोज मेरे अपनो का बाजार लगता है यहा और मेरे गम के लिए मरहम नहीं नमक मिलता है यहा
तु मेरी जिन्दगी का वो राग है जिस से मेरे जीवन का महकता बाग है
Always our dear is the reason of our tear
किताबों को रखोगे दिल के पास तो ये बनाएगी आपको भीड़ मे भी खास
कोई शिकायत करना बंद कर दे तो सोच लेना उसके जीवन में आपकी एहमियत कम हो गयी है
तुम्हें इस फरमान में प्यार का अरमान भेजा है
आँखो मे आज भी है पानी ना जाने अब कोन सी अधूरी है कहानी
Ab tere bin jeena nahi hai sanam, na hai marna bin tere.
Nahi jana me ye ghar chorke, chahe jo bhi karle ye jamana.
Bas itni si khata maaf kar de meri tu, ki naam na lu tera agar to bhi pas rahe tu.
Tujh tak pahuchne ki arzoo hai meri, tujhe chah na pane ki gustakhi hai meri.
Kisko batau me kya chahta hu, pita hu ek or sirf dua chahta hu.