उन्हीं सपनो में फिर खोना चाहता हूं, जिन सपनों ने मुझे बर्बाद किया !
है रब इतना करना करम की पास रहे मेरा सनम
दूरी से रिश्ते नहीं टूटते जो अपने होते हैं वो दूरियों मे भी नहीं रूठते
है प्रभु आप से इतनी सी है अर्ज की ईमानदारी से निभा सकू अपने फर्ज
प्यार को शिव जी का प्रसाद समझ के सबको मत बाटो
आँख खुलते ही मेरा यार नजर आता है मेरे यार में ही खुशियों का बाजार नजर आता है
रिश्ते कच्चे धागे है संभालो इन्हे हल्की सी टकरार में ये टूटते हैं
हर दुआ मे तुझे मांगा है तुझसे प्रीत का धागा है
ये लड़किया अपने कंधे का तिल दिखा के हमसे अपने फोन का बिल भरवाती है
मा जब बेटा कहती है शुकून मिलता है मा के आचल मे हर मेरा हर दुख मिटता है
कड़वी याद नहीं मीठा ख्वाब हो तुम आज भी मेरे दिल के पास हो तुम
क्यूँ नहीं समझते तुम इतनी दूरी है बुरी
हर ताने का करारा जवाब हू मे, अपने घर का नवाब हू मे
जब वो किसी और की बाहो मे दिखता है तब ये दिल बहुत रोता है
मेरा गम भी रोता है जब मेरा गम मेरा हर अधूरा शब्द कहता है
आएँगी करीब तुम्हारे ये मंजिले जब बुलंद होंगे होसले
किसी अपने को मत छोड़ो जो तुम्हें बनाता है उसे मत तोडो
अपने पैरों पे खड़ा होना है अब ख्वाबों को भी खुली आंखो से देखना है
मे हू थोड़ी सी कम लेकिन नहीं चाहिए किसी का रहम
अच्छा लगता है जब वो मुझे अपनों में गिनता है लाखो की भीड़ में मुझे चुनता है
आसमान पे लिखो अपना नाम ऐसा करो काम