जिसे देख दिल मे बजती है गिटार वो ही आँखो के सामने आती है बार - बार
जिसके गले में डाली वर माला आज भी सबसे खूबसूरत है वो बाला
मेरे प्यार का रंग लाल नहीं हरा है तेरी हर वफा की कसौटी पर खरा है
आज भी हर शाम वो पिलाती है मोहब्बत का जाम
ठंडी हवा ये चांदनी सुहानी, तू न आई तो अकेले कैसे बितानी ?
आज यहा लोग जोड़ते हैं नाता देख के बैंक मे खाता
जब तेरे लिए सजती हू दुनिया बोलती है और भी खूबसूरत दिखती हू
आखिरी मोका है कुछ कर के दिखाना अब नहीं चलेगा कोई बहाना
जब तेरे नाम का सिन्दूर मेरी मांग में सजता है तो ये जमाना जलता है
ए जिंदगी सपनें सजाने के लिये थोडा वक्त और हौसला भी दिया कर|
प्यार तुमसे है इसलिए कुर्बानी की उम्मीद भी उन्हे हम से है
अगर,मगर,लेकिन जैसे शब्द जिंदगीमें रुकावटेही ज्यादा बढातें है|
मन रोता है जब तु छोड़ के मुझे जाता है
ये तेरा प्यार ही तो है रुला के सुलाता भी तु ही है
गहरें नींदमें सोये हुये व्यक्तिको जगाना आसान है लेकिन नींदका नाटक करके सोये हुये व्यक्तिको जगाना मुश्किल ही नही ना मुमकिन है|
तु कितना भी कर ले तंग लेकिन रहना है तेरे संग
गलती करना आसान है लेकिन गलती सुधारना उतनाही मुश्किल|
Every person giving you a lecture is not necessarily a professor.
Life is a largest canvass available in nature to colour it our own way.
Keep up well with present to garnish your future.
प्रेम मजहब की दीवारो को हिम्मत की तलवार से तोड़ता है