खुदा भी सोचता होगा, मैंने तो इन्सान बनाया था फरेबी और धोखेबाज नहीं !
क्या हो गया है इस जमाने को, जिसे देखो बस मजबूर है पैसा कमाने को, .....क्या यही है जिन्दगी ?
मैं शायद विश्वास ना करुँ अगर खुदा भी मुझसे ये बोले, कि वो मुझसे प्यार नहीं करते जिनके लिए हम रो रहे!
मेरी सारी उम्मीदें आ कर तुझ पर ही रुकी, पर क्यूँ इस सजदे में तेरी आँखें हैं झुकी।
मेरी इन आवारा नजरों की तलास शायद अब ख़तम हुई !!
तेरी आँखों में मैं जितना देखूं एक सुकून मिलता है, और जी चाहता है बस देखता ही रहूं।
अगर प्यार से परे कोई जीवन है, तो वह वीरान और सूना ही होगा।
क्या चाहत से भी आगे कोई दुनियाँ होती है ????
मैं चाहता हुँ की मैं तुम से ऐसे प्यार करूँ, की डूब जाऊँ तुझमे ही और तुझमे ही मैं जीऊँ !
मैं सोचता हूँ कि बता दूँ उससे दिल की ये लगी, पर शायद अगर वो ना कह दे तो मर जाऊं ना कहीं !
इन्सान चाहे कितनी भी तरक्की कर ले लेकिन अपनी एक लत तो शायद कभी नहीं छोड़ने वाला- दूसरों को इस्तेमाल करने की !!
I thought that I should ask him, I love you only but I can not say....why !!!
क्यूँ दु अपनी सफाई, क्यूँ साबित करू अपनी वफाई
प्यार मे कोन कहता है मरते हैं कभी मा - बाप से प्यार कर के देखो हर पल हम जीते है
लिख कर सब बोल देती हू अपने दिल के राज इन शब्दों से खोल देती हू
तु जीन्दा फरेब है मेरी जिन्दगी का सबसे बड़ा ऐब (कमी) है
खुश हू उन जूठे रिश्तों से रह कर दूर आज सोचती हू काश ना भरा होता मांग में ये सिन्दूर
किसी एक नारी को चढने दो शिक्षा की सीढ़ी, तब बड़ेगी विकास की और तुम्हारी पीढ़ी
Ek ehmiyat hi hai jo tumne mujhe di hai jo aj tak kisi ne nahi di.
Ye kadam bhi ab ladkhadate hai tere karib aane k lie.
Udhne ki tamanna to bahot hai par koi par naa kaat de isi ka dar rehta hai.