तेरे नयनोंके तीर क्या लगे मेरा दिल और दिमाग दोनो घायल हो गये|
सिसकती रह जाती हैं आंखें, टूट कर भी दिल उनके सपनें है संजोता, कैसे कहूँ दर्द प्यार में नहीं होता..!
Mere zakhmon ki dawa tere siwa koi nahin.......Koi bhi nahin !
मैं तुम्हारे अतीत की एक अधूरी दुनियाँ हूँ, क्या पूरा करना चाहोगी मुझे..??
तुझसे अलग होकर मैंने एक दुनिया तो बनाई, पर तेरी कमी वहां भी खलती है मुझे.!
एक दुनियाँ है तन्हाई और खामोशी की, अक्सर जिन्दगी से हार कर लोगों वहीं जाते हैं।
ये तो तह है कि मोहब्बत का दूसरा नाम दर्द ही है ।
मोहब्बत के दर्द को अगर समझ पाते, तो मोहब्बत करने की खता कभी नहीं करते.!
वैसे तो दुनियाँ स्वार्थी है..पर कोई भी अपना नहीं है ये हमें पता नहीं था !
प्यार तेरा खोया था जो मैंने अब उसे मुझे पाना है, मानता हूं मुझसे हुई ख़ता पर ये दिल आज भी तेरा दीवाना है।
जिनसे जुदा होकर जीना था हमें, दिल तो हम उनके पास ही भूल गए।
अपनी ये जिन्दगी मैं तेरे नाम करूँ, तुम मुझे इज़ाजत दो..तो मैं तुम्हें प्यार करूँ !
हो सके तो मुझे माफ़ कर देना, मैं तुम्हें खोना नहीं चाहता पर क्या करूँ तुमसे दूर होना ही है दस्तुर मेरा।
चढ़ गया ऐसा फ़ितूर की मोहब्बत में हम लुट के रह गए..... ना अपने हुए ना उनके हुए बस सोचते ही रह गए !
मेरी धुरी कहानी हो तुम, मेरे अतीत की निशानी हो तुम !
हम वो हकिम हैं जो हर दर्द का इलाज अपने अल्फाजों से करते हैं।
रे पगली, कौन कहता है तेरी खूबसूरती में दम है, अरे लोग तो तुझे इसलिए जानते हैं कि तेरे यार हम हैं।
भरोसा क्यों करते हो गैरों पर, जब चलना ही है अपने पैरों पर !
अजीब है दुनिया का मापदण्ड, ऐसे लोग भी हैं यहाँ जो सब कुछ खरीद सकते हैं और कुछ लोग ऐसे भी हैं जो ख़ुद बिक जाते हैं।
इनकी कातिल अदाओं में मेरा दिल फ़सता ही जाए, अब खुदा ही मुझे इन फरेबी हसीनाओं से बचाए।
मुझे पता नहीं था तू दुनियाँ की बातों पर इतना गौर करेगी, मेरे इस मासूम प्यार को इग्नोर करेगी।