रूठा हालात नहीं एक अनसुलजा सवाल हू आज भी तेरे जहन में रहने वाला बवाल हू
मजा है इस रुसवाई का, यार के इन्तजार मे फटती है पेरो की बीवाईया
घोर से देखे वो मोहब्बत नहीं होती है मोहब्बत की जन्नत तो उन्हे भी मिलती है जिनकी आँखे नहीं होती है
बेवजह होती है वो ही तो मोहब्बत होती है बिन बोले ये कयामत बरसती है
तुम्हे दुश्मन में गिन लू तुम इस काबिल भी नहीं मेरी मोहब्बत क्या तुम तो नफरत में शामिल भी नहीं
हमे तो तकरार है मोहब्बत अच्छी लगती है इस तकरार में ही इकरार भरी निगाहें अच्छी लगती है
हमे तो इशक से ही मोहब्बत है इशक के दर पर मेरी मोहब्बत करती इशक की इबादत है
इशक में इशक की बाहे नहीं हमे तो इशक में वफा की राहे चाहिए
फिर से वो बेसब्री का दरिया चाहिए Sms और कॉल नहीं लीफाफे में बंद भावनाओं को शब्दों का जरिया चाहिए
तैयार है झुकाने को सिर अगर वो सनम चलाए मोहब्बत का तीर
अकेलेपन से होने लगा है प्यार, मेरा अपना साया हो गया है मेरा यार
शब्दों से अपना दर्द पन्नों पर उतारती हू बिन बोले अपना दर्द बाटती हू
मर्यादा के पैमाने से मेरे सपनो को कम मत आंक, मेरे संघर्ष का हर पल बताता है में कितनी हु पाक
तुम बोलो तो ये दुनिया छोड़ दु अपनी ही धड़कन से रिश्ता तोड़ दु
इस दिल पे दस्तख़ प्यार की फिर से अब होने है लगी, चाहत मेरी मेरे बस में थी अब किसी की होने लगी...
You are not the only one who is facing it all alone. There are many and this is how the rules of universe goes. Don't take pity but repair.
Right or wrong, good or bad, yes or no. Why do we always see it as black and white ? What about the other beautiful colors in the middle ?
You are never too old to make another wish. Dream till you have breathe.
A mistake repeated is no more a mistake but a choice.
You need a one who says "tell me now, right now and you don't have a second choice" when you feel low-key and your light goes dim.
It's your story and there is no harm in editing it often.